नई दिल्ली: राज्यसभा में आज का सत्र हंगामेदार रहा, जब विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने सदन में CISF जवानों को बुलाए जाने का दावा किया। उनके इस बयान के बाद सदन में माहौल गर्म हो गया और सत्तापक्ष व विपक्ष के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।
इस पर जवाब देते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा ने विपक्ष को सख्त लहजे में घेरा। उन्होंने कहा,
“अगर विपक्ष की भूमिका निभानी नहीं आती तो मुझसे ट्यूशन ले लो। अभी तो आपको 30-40 साल और विपक्ष में रहना है।”
आपको विपक्ष की भूमिका निभानी नहीं आती, तो मुझसे ट्यूशन ले लो!
अभी तो आपको 30-40 साल और विपक्ष में रहना है। 😂 pic.twitter.com/spESJ4ipl3
— BJP (@BJP4India) August 5, 2025
जेपी नड्डा ने विपक्षी हंगामे को बताया ‘ग़ैर लोकतांत्रिक’
नड्डा ने उपसभापति का हवाला देते हुए कहा कि, “जब कोई बोल रहा होता है और कोई बगल में खड़े होकर नारेबाज़ी करता है, तो वह लोकतंत्र नहीं है। यह सदन की गरिमा के खिलाफ है।”
उन्होंने विपक्ष के लगातार शोर मचाने पर नाराज़गी जताते हुए हाथ के इशारे से एक महिला सदस्य को संबोधित करते हुए कहा,
“ओ मैडम, मैडम जी सुन लीजिए… मैंने कई बार कहा है कि मैं 40 साल से विपक्ष में रहा हूं। कुछ मुझसे सीख लीजिए। आप तो अभी नए हैं, अभी तो सिर्फ 10 साल हुए हैं, अभी तो 30-40 साल और विपक्ष में रहना है। मैं बता दूंगा कि विपक्ष कैसे चलता है।”
सदन में जारी रहा हंगामा
नड्डा के इस बयान पर विपक्षी सांसद और भी भड़क उठे और सदन में शोरगुल और नारों का दौर चलता रहा।
सत्र के दौरान माहौल लगातार गरमाता गया और सदन की कार्यवाही कुछ देर के लिए प्रभावित भी हुई।
राज्यसभा की यह कार्यवाही एक बार फिर इस बात की ओर इशारा करती है कि सरकार और विपक्ष के बीच टकराव अब और अधिक तीखा होता जा रहा है, जिसका सीधा असर संसदीय मर्यादाओं पर भी पड़ रहा है।